अश्क आँखो मेँ
फिर से दे गया कोई
, जख्म जो भरने लगे थे
उन्हे फिर से हरे कर गया कोई
, खुद खामोश रह कर
मुझको मुझसे
जुदा कर गया कोई
फिर से मुझे
हर पल तडपने की सजा दे गया कोई,
अश्क आँखो मेँ फिर से दे गया कोई.....
फिर से दे गया कोई
, जख्म जो भरने लगे थे
उन्हे फिर से हरे कर गया कोई
, खुद खामोश रह कर
मुझको मुझसे
जुदा कर गया कोई
फिर से मुझे
हर पल तडपने की सजा दे गया कोई,
अश्क आँखो मेँ फिर से दे गया कोई.....
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