Thursday, March 3, 2011

बस अब नहीं...



भृष्टाचार आज के समय में एक बड़ी समस्या बन कर रह गया है ! आखिर क्योँ  नहीं ख़त्म  हो रहा भृष्टाचार क्योकि आप और हम खुद नहीं चाहते की भृष्टाचार ख़त्म हो, बस बहुत हुआ अब पहल करनी पड़ेगी ! अब मै शांत नहीं रह सकता आखिर क्यूँ सर्कार बड़े-बड़े दावे करती है ? क्यूँ नहीं उठती कोई ठोस कदम, सर्कार के द्वरा उठाये गए कदम आप भी जानते है और मै भी ! क्यों नहीं लती सर्कार कला धन वापस ? कोई नहीं करती कोई ठोस कार्यवाई ? अब हामी लोगों को कु६ करना पड़ेगा, भारत लुट रहा है और हम देख रहे है !  हम भारत को लुटते नहीं देख सकते, भारत की जनता को एकत्र होकर इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, लेकिन यहाँ तो आवाज उठाने की बात दूर रही, लोग इसके बारे में सोंचते तक नहीं ! वे कहते है भला हम कैसे लड़ सकते है, वो ये भूल जाते है की हमारे देश के शहीद अगर ऐसा ही सोंचते तो आज तक हम आजाद ही न हुए  होते.........................      

1 comment:

  1. इस नए सुंदर से चिट्ठे के साथ आपका हिंदी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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