फिर से उठ पडी है
तेरे अहसासो की बारिष
मुझे याद आने लगे है
कुछ पल पुराने
वो तेरा हँसना मुस्कराना
प्यार मेँ सबकुछ भूल जाना
पर अब वो दिन नही रहे
हम दूर हो गये
एक दूसरे से
फिर भी
हमारा प्यार बढता जा रहा है
मैँ आज भी महसूस करता हूँ
तुम्हे उन जगहोँ पर
जहां हम बैठा करते थे
कभी मैँ अक्सर देख लेता हू
तुम्हारी मुस्कराहट खिलते हुये फूलोँ मेँ
मैँ पाता हूँ तुम्हे
अपने आने जाने वाली हर साँसो मेँ
मैँ महसूस कर सकता हूँ
तुम्हे उन हवाओँ मे
जो छू कर आती है
तुम्हे हम दूर है
कितने फिर भी
मैँ देख लेता हूँ
तुम्हे अपने आप मेँ
तेरे अहसासो की बारिष
मुझे याद आने लगे है
कुछ पल पुराने
वो तेरा हँसना मुस्कराना
प्यार मेँ सबकुछ भूल जाना
पर अब वो दिन नही रहे
हम दूर हो गये
एक दूसरे से
फिर भी
हमारा प्यार बढता जा रहा है
मैँ आज भी महसूस करता हूँ
तुम्हे उन जगहोँ पर
जहां हम बैठा करते थे
कभी मैँ अक्सर देख लेता हू
तुम्हारी मुस्कराहट खिलते हुये फूलोँ मेँ
मैँ पाता हूँ तुम्हे
अपने आने जाने वाली हर साँसो मेँ
मैँ महसूस कर सकता हूँ
तुम्हे उन हवाओँ मे
जो छू कर आती है
तुम्हे हम दूर है
कितने फिर भी
मैँ देख लेता हूँ
तुम्हे अपने आप मेँ
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