Tuesday, September 27, 2016

मैँ, मैँ नही रहा

मैँ, मैँ नही रहा
अब ये क्या हुआ
कहाँ पहुँच गया मैँ,
यहाँ मैँ पाता हूँ
खुद को निस्क्रिय
और खोता जाता हू मै
खुद को तुममे
वो मोहब्बत
जो शायद
तुम्हे अब नही रही
फिर भी खीच लेती है
मुझे तेरे पास
फिर मै समेट लेता हू
अपने अन्दर
वो सारे पल
जो बिताये थे
साथ हमने
और महसूस करता हूँ
अपने आने जाने वाली
साँसो को
और उन साँसो मे
हर बार
तेरा नाम
और धिरे धिरे
खो देता हू
मै खुद को
खुद मे
फ़िर मै
डूब जाता हू
उस "प्रेम" मे
जो अब नही रहा.
ओर फिर
मै महसूस करता हू की

 मै  अब मै नही रहा
और
मै  हम हो गया...

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