Wednesday, July 6, 2011

"जिंदगी"

ऐ जिंदगी
मई चलता रहा अबतक अकेले
चलता ही जाऊंगा हमेशा अकेले
फिरभी तुझसे एक गुजारिश है की
कुछ पल तो मेरे साथ चला कर
अब तक मै सब सहता रहा है
लाख कांटे हो राह में मै चलता रहा
मिटा के क़ज़ा के फासले को
अब तक मै जीता रहा
ऐ जिंदगी तुझसे एक गुजारिश है
कुछ पल मेरे साथ तू भी तो जिया कर

1 comment:

  1. छाया तो हर दम चलतीहैं साँसे चलती हैं जीवन में सोते उठे बैठते नन्हे जुगनू की रोशनी में भी सिर्फ अंधरे में डरती है

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