Monday, May 23, 2011

याद

जब याद उनकी आती है
एक दर्द दिल मे छोड जाती है
वेा बीते हुये कल कि तरह
गुजर गयी है जीवनसे मेरे
न जाने क्यों उसी को ढूढती है निगाहें मेरी
मै भूलना चाहता हूॅ उसे
पर यादे भूलने नही देती
जब भी उसकी याद आती है
मेरे दिल मे अजीब सा अहसास छोड जाती है
क्यों रखता हूॅ मै उसके लौट आने का आस
ज्ब वो दूर है जीवन से मेरे
क्यों नही जाती यादों से दूर मेरे
क्यों उनकी तस्वीर आती है सामने मेरे
आखिर क्यों उसकी याद आती है
एक दर्द दि लमे छोड जाती है...

1 comment:

धीरे धीरे खुद को खो रहा हूं मैं ....

क्यों धीरे धीरे खुद को   खो रहा हूं मैं  जीने निकले थे  ज़िन्दगी को , अब उसी ज़िन्दगी को  धीरे धीरे खो रहा हूं मैं  यूं तो कमी ...