मैं जब कभी किसी बाग मे जाता हूॅ
कोयल के गीतों को सुनता हूॅ
बाग मे खिले हुये फूलो को देखता हूॅ
तब तेरी याद आती हैं
दिल मे एक अजीब सा अहसास छोड जाती है
जब मै षाम को सागर के किनारे पर जाता हूॅ
ष्षाम का वह सुरम्ब द्रष्य देखता हूॅ
तब तेरी याद आती है
मैं जब कभी अपने आप को अकेला महसूस करता हूॅ
तब तेरी याद आती है
सच पूछो तो तेरी ये याद
मेरे दिल को बडा सुकुन पहुॅचाती है
कोयल के गीतों को सुनता हूॅ
बाग मे खिले हुये फूलो को देखता हूॅ
तब तेरी याद आती हैं
दिल मे एक अजीब सा अहसास छोड जाती है
जब मै षाम को सागर के किनारे पर जाता हूॅ
ष्षाम का वह सुरम्ब द्रष्य देखता हूॅ
तब तेरी याद आती है
मैं जब कभी अपने आप को अकेला महसूस करता हूॅ
तब तेरी याद आती है
सच पूछो तो तेरी ये याद
मेरे दिल को बडा सुकुन पहुॅचाती है
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