Thursday, December 8, 2011

इश्वर

आप सब जगह हो
फूलों में
पेंड़ो में
चिड़ियों में
मैं आपको पाता हूँ
पानी में भी
आग में भी
पृथ्वी में भी
आकाश में भी
आप से अलग
मेरी कोई श्रष्टि नहीं है
मैं आप   में हूँ
आप मुझमे हो
आप तो सब जगह हो
आप  महान हो

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