Thursday, September 10, 2009

बेरोजगारी और गरीबी

बेरोजगारी आज के समय में एक आम बात बन कर रह गयी है हमारे देश के अधिकांश नव युवक लोग जिन्हें देश का भविष्य कहा जाता है वे रोजगार के तलाश में इधर उधर भटक रहे है हमारे देश के अधिकांश लोग कृषि पर निर्भर रहते है जनसँख्या की लगातार वृधि होने के कारन अब लोगो कृषि पर निर्भर रहना भी मुश्किल हो गया है हमारे देश में बेरोजगारी एक बहुत बड़ी समस्या बनकर सामने आया है बेरोजगारी और गरीबी का आपस में घनिष्ठ सम्बन्ध है यदि शिक्षित व्यक्ति बेरोक्गर रह जाते है या उनके योग्यतानुसार कार्य नहीं प्राप्त हो पता है ऐसे लोग धीरे २ गरीबी के सक्न्जे में फँस जाते है और अपने परिवार का पालन पोषण नहीं कर पाते है और अपने पुत्रो को अछि क्शिछा नहीं दिला सकते है परिणाम स्वरुप इसका प्रभाव हमारे देश पर पड़ता है और हमारा भारत देश अछे अभियंता और डॉक्टरो से वंचित रह जाते है अतः भारत सर्कार को ऐसे कदम उठाने चाहिए जिससे बेरोजगारी पर अंकुश लगाया जासके क्योंकि बेरोजगारी से अनेक प्रकार की समस्याएं उतपन्न होती है

Thursday, August 6, 2009

"satya"

"satya"

दोस्त



इश्क और दोस्ती मेरे गुमान है इश्क मेरी जान तो

दोस्ती मेरा ईमान है इश्क पर लुटा दूँ अपनी साड़ी ज़िन्दगी मगर दोस्ती पर तो मेरे इश्क भी कुर्बान है

Friday, July 31, 2009

zingagi

ek bahar hai jindagi
ek hasin khumar hai jinadagi
har tarah ke khuso ka uphar hai jindagi

धीरे धीरे खुद को खो रहा हूं मैं ....

क्यों धीरे धीरे खुद को   खो रहा हूं मैं  जीने निकले थे  ज़िन्दगी को , अब उसी ज़िन्दगी को  धीरे धीरे खो रहा हूं मैं  यूं तो कमी ...